पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समानता और सभी के लिए बराबर अवसरों वाला समाज बनाने की अपील की।
वह चंडीगढ़ के निकट कांसल गांव में स्थानीय संगत द्वारा मनाए गए श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने अपनी गुरबाणी के माध्यम से समानता का संदेश दिया और यही सिद्धांत भारत के संविधान के अनुच्छेद 13 से 17, 19, 25 और 26 में भी निहित हैं, जो धर्म की स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, जाति व धर्म के आधार पर भेदभाव पर रोक, रोजगार में समान अवसर तथा उल्लंघन की स्थिति में कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब एस.सी. आयोग भी इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर काम करते हुए कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेषकर उन मामलों में जहां निचले स्तर पर न्याय नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में विभिन्न महान संतों और धार्मिक विभूतियों की वाणी दर्ज है, जो मानवता और समानता का सार्वभौमिक संदेश देती है। उन्होंने लोगों से गुरु साहिबान की शिक्षाओं का पालन करते हुए भेदभाव रहित समाज के निर्माण की अपील की।
स्थानीय मुद्दे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांसल गांव में इस समय श्री गुरु रविदास जी महाराज और संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर की स्मृति में कोई अलग स्थान या भवन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इस मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थान आवंटित करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि नगर काउंसिल द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है और मामला स्थानीय सरकार विभाग के विचाराधीन है, जिसकी वह नियमित रूप से पैरवी कर रहे हैं।
उन्होंने उपयुक्त स्थान उपलब्ध न होने के बावजूद प्रकाश पर्व समारोह के सफल आयोजन के लिए संगत को बधाई भी दी।
इस अवसर पर एस.डी.एम. खरड़ दिव्या पी., नया गांव के प्रधान और काउंसलर, आयोजन समिति के सदस्य भाग सिंह सहित अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे।
