PM Shram Yogi Maandhan Yojana: संगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) चला रही है। इसमें हर महीने 55 रुपये जमा करने पर बुढ़ापे में 3000 रुपये महीना पेंशन मिलेगी। जानिए कैसे उठाएं फायदा
PM Shram Yogi Maandhan Yojana: देश में लाखों ऐसे मजदूर हैं जो रोजाना मेहनत करके अपनी कमाई करते हैं, लेकिन उनके पास कोई स्थायी नौकरी या संस्था नहीं होती है। ऐसे लोग असंगठित क्षेत्र में आते हैं। इसमें रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण स्थल के मजदूर, घरेलू कामगार या छोटे दुकानदार शामिल हैं। इन लोगों के पास न तो भविष्य निधि यानी PF जैसी सुविधा होती है, न ही पेंशन की व्यवस्था। उम्र बढ़ने पर जब काम करने की ताकत कम हो जाती है तो उनकी आमदनी रुक जाती है और आर्थिक परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से पीएम श्रम योगी मानधन योजना चलाई जा रही है।
यह योजना 15 फरवरी 2019 से लागू है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के उन मजदूरों के लिए है जो बुढ़ापे में अपनी सुरक्षा चाहते हैं। इस स्कीम के तहत सरकार मजदूरों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3,000 की पेंशन देने की गारंटी देती है। यानी अगर कोई व्यक्ति अभी से थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करना शुरू करे तो उसे आगे चलकर हर महीने फिक्सड इनकम मिलेगी। इससे बुढ़ापे में भी आर्थिक सहारा बना रहेगा। यह योजना बुजुर्गों के लिए बुढ़ापे की लाठी से कम नहीं है
जानिए क्या है प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना
इस पेंशन योजना में अपनी मर्जी से जुड़ सकते हैं और हर महीने कुछ रकम जमा करनी होती है। जितना योगदान आप करेंगे, उतना ही योगदान सरकार भी आपके लिए करेगी। जैसे अगर आप हर महीने 100 जमा करते हैं तो सरकार भी आपके लिए 100 जोड़ेगी। जब आपकी उम्र 60 साल हो जाएगी तब आपको हर महीने 3,000 की फिक्स्ड पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पेंशन आजीवन दी जाएगी। योजना का संचालन भारतीय जीवन बीमा निगम के तहत किया जाता है। इससे आपकी राशि सुरक्षित रहती है।
कौन उठा सकता है लाभ?
योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र से जुड़े कामगारों को मिलता है। इसमें रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, निर्माण मजदूर, घरेलू कामगार, मोची, धोबी, खेतिहर मजदूर, ईंट-भट्ठा श्रमिक आदि शामिल हैं। अप्लाई करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक टैक्सपेयर्स नहीं होना चाहिए। वह ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस जैसी किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य नहीं होना चाहिए।
कैसे काम करती है यह योजना?
इसमें हर महीने एक छोटी राशि जमा करनी होती है, जो उम्र के अनुसार तय होती है। अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है, तो उसे लगभग 55 रुपये हर महीने जमा करना होता है। वहीं अगर कोई ज्यादा उम्र में जुड़ता है, तो उसे थोड़ा ज्यादा योगदान देना पड़ता है
उदाहरण के लिए
- 18 वर्ष की आयु में 55 रुपये
- 25 वर्ष में 80 रुपये
- 30 वर्ष में 105 रुपये
- 40 वर्ष में 200 रुपये
श्रम योगी मान-धन योजना में कैसे करें अप्लाई
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया बहुत आसान है। इसके लिए अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक के साथ किसी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं। वहां आपका बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या OTP से किया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरा जाएगा और आपकी जानकारी दर्ज की जाएगी। वहीं पहली बार की किस्त कैश में जमा करना होगा।
फिर बैंक खाते से ऑटो-डेबिट सुविधा चालू कर दी जाएगी ताकि हर महीने की राशि अपने आप कटती रहें। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आपको प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन कार्ड मिल जाएगा। अगर आप खुद ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आप https://maandhan.in/ वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके साथ ही योजना की अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 267 6888 पर भी कॉल किया जा सकता है।
