Health Insurance Premium Hike 2026: बीमारियों का बढ़ता खर्च और मेडिकल महंगाई; क्यों महंगा हो रहा है आपका हेल्थ इंश्योरेंस?
नई दिल्ली: स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, लेकिन 2026 में इस धन की रक्षा करना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। भारत में प्रमुख स्वास्थ्य बीमा कंपनियों (Health Insurance Companies) ने अपने प्रीमियम में 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं की लागत में जो उछाल आया है, वह अब बीमा प्रीमियम के रूप में आम आदमी के सामने आ रहा है।
मेडिकल इन्फ्लेशन (Medical Inflation) की मार भारत में मेडिकल महंगाई दर वर्तमान में 14% के करीब है, जो एशिया में सबसे अधिक है। अस्पतालों के कमरे का किराया, सर्जरी की लागत और दवाओं के दामों में पिछले दो सालों में जबरदस्त तेजी आई है। इसके अलावा, अब अस्पताल नई तकनीकों जैसे रोबोटिक सर्जरी और एआई-आधारित डायग्नोस्टिक्स का उपयोग कर रहे हैं, जो इलाज को बेहतर तो बनाते हैं लेकिन खर्च भी बढ़ा देते हैं। बीमा कंपनियों का तर्क है कि उनके क्लेम सेटलमेंट की राशि बढ़ गई है, जिसे संतुलित करने के लिए प्रीमियम बढ़ाना अनिवार्य है।
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां और रिस्क असेसमेंट डायबिटीज, हाइपरटेंशन और दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों ने बीमा कंपनियों के लिए रिस्क बढ़ा दिया है। अब कंपनियां ग्राहकों के डेटा का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं। 2026 में उन लोगों के लिए प्रीमियम और भी महंगा हो सकता है जिनकी लाइफस्टाइल खराब है। हालांकि, ‘नो क्लेम बोनस’ और ‘वेलनेस डिस्काउंट’ जैसी योजनाएं उन लोगों के लिए राहत का काम कर रही हैं जो अपनी सेहत का ख्याल रखते हैं।
निष्कर्ष और ग्राहकों के लिए सलाह प्रीमियम बढ़ने से बचने के लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि ग्राहक ‘मल्टी-ईयर पॉलिसी’ चुनें या ‘टॉप-अप’ प्लान्स का सहारा लें। साथ ही, पॉलिसी रिन्यू करते समय पोर्टेबिलिटी के विकल्पों पर भी विचार करें ताकि कम प्रीमियम में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
