Gold Price Outlook 2026: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा सोना; शादी-ब्याह के सीजन में ज्वेलरी मार्केट में छाई खामोशी, क्या और बढ़ेंगे दाम?
जयपुर/चेन्नई: भारतीय परिवारों के लिए सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया है। लेकिन 2026 में सोने की कीमतें (Gold Rates) जिस रफ्तार से बढ़ रही हैं, उसने आम आदमी को सर्राफा बाजार से दूर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 2600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचने का असर भारत में भी दिख रहा है, जहां 10 ग्राम सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर को छू रही है।
इन्वेस्टमेंट डिमांड और सेंट्रल बैंक की खरीदारी सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) द्वारा सोने का भंडार बढ़ाना है। वैश्विक राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति (Inflation) के डर से निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने में पैसा लगाना सुरक्षित मान रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि फिजिकल गोल्ड के साथ-साथ ‘डिजिटल गोल्ड’ और ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (SGB) की मांग में भी भारी उछाल आया है।
ज्वेलरी सेक्टर पर प्रभाव महंगे सोने के कारण ज्वेलरी शोरूम्स में फुटफॉल कम हुआ है। अब लोग भारी गहनों के बजाय ‘लाइटवेट’ और ‘डेली वियर’ ज्वेलरी को पसंद कर रहे हैं। शादी के सीजन में भी लोग पुराने सोने को बदलकर नए गहने बनवाने की प्रवृत्ति अपना रहे हैं। ज्वेलर्स का मानना है कि अगर कीमतें स्थिर नहीं हुईं, तो इस साल के टर्नओवर में 15-20% की गिरावट आ सकती है।
निष्कर्ष बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतों में कोई बड़ी गिरावट आने की संभावना कम है। ऐसे में जो लोग निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए ‘सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ (SIP) के जरिए सोना खरीदना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
