सोशल मीडिया पर सख्ती बढ़ी। एक्स अकाउंट्स के बाद अब फ़ेसबुक पेजों पर भी कार्रवाई क्यों? क्या सरकार आलोचना को दबाने की कोशिश कर रही है?

निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय।
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय।
यानी आलोचक को पास रखो। वो बिना पानी-साबुन के तुम्हारे स्वभाव को साफ कर देता है। आलोचना हमें अपनी कमियां दिखाती है और बेहतर बनाती है।”

पहले एक्स खातों पर हुई थी कार्रवाई
हाल ही में एक्स पर भी कई अकाउंट्स भारत में रोक दिए गए। हाल में जिन खातों पर सरकार ने कार्रवाई करवाई है उनमें पैरोडी, व्यंग्य और पत्रकार वाले खाते शामिल हैं। पैरोडी और व्यंग्य वाले पॉपुलर अकाउंट्स में @Nehr_who, @DrNimoYadav, @indian_armada, @DuckKiBaat, @mrjethwani_ , @Doc_RGM शामिल हैं। जर्नलिस्ट और एक्टिविस्ट @ActivistSandeep (संदीप सिंह) का खाता भी इसमें शामिल है।
ये अकाउंट्स सरकार की नीतियों, अल्पसंख्यक मुद्दों, विदेश नीति, LPG संकट और प्रधानमंत्री पर व्यंग्य करते थे। मीम्स, कार्टून और क्रिटिकल पोस्ट्स की वजह से ये काफी फेमस थे। स्क्रॉल की रिपोर्ट के अनुसार कारवां मैगजीन के एडिटर हरतोष सिंह बाल ने बताया कि 14 मार्च का एक ट्वीट भी ब्लॉक कर दिया गया। यह ट्वीट 2002 के इंडिया टुडे के कवर को प्रमोट कर रहा था, जिसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ हेडलाइन थी – “Hero of Hatred”।
कार्रवाई किस कानून के तहत?
रिपोर्टों के अनुसार ये कार्रवाई आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत की जा रही है। इस धारा के तहत केंद्र सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दे सकती है कि अगर कोई कंटेंट देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या विदेशी संबंधों के लिए खतरा है तो उसे ब्लॉक किया जाए। फिलहाल केवल आईटी मंत्रालय को यह अधिकार है, लेकिन खबर है कि गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी यह अधिकार देने पर विचार किया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो सोशल मीडिया पर आलोचना करने वाले कंटेंट पर और ज्यादा कार्रवाई हो सकती है।
