
रावी दरिया में आई भयंकर बाढ़ ने पहले से भी ज़्यादा विकराल रूप धारण कर लिया है और कई नए स्थानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सीमावर्ती कस्बे गग्गोमहल से ऐतिहासिक कस्बे रामदास यानि धुस्सी बांध के पास के गांवों में भारी तबाही मचाने के बाद अब इसका रुख अजनाला-फतेहगढ़ चूड़ियां मुख्य मार्ग पर स्थित कस्बे चमियारी के पश्चिमी हिस्से की ओर हो गया है।
निकटवर्ती गांव हरार कलां और हरार खुर्द बुरी तरह जलमग्न हो गए हैं जबकि चमियारी कस्बे के पश्चिमी तरफ के खेतों में बहुत तेजी से पानी भरना शुरू हो गया है, जिसके कारण इस तरफ शिविरों में रह रहे लोगों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है और लोग अपने परिवार और पशुओं के साथ ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कस्बा चमियारी के फाकेल प्वाइंट समक्ष गांव हरड़ कलां और खरड़ खुर्द द्वारा गुजर कर गांव गुज्जरपुरे समक्ष बड़े हाईवे को जोड़ी नई बनी लिंक सड़क जोकि डिफैंस द्वारा बहुत ऊंची व मजबूती से बनाई गई है, के कारण लगी पानी के डक से जहां चमियारी से गग्गोमाहल को जाती सड़क के दोनों तरफ बावा किला वाले दर्जरों डेरो के साथ साथ हजारों एकड़ फसल में करीब 7-7 खुट पानी भर गया है, वहीं इस डक्क कारण ही गांव हरड़ कलां व हरड़ खुर्द पानी से घिरा पड़ा है।
उधर, सेना भी अपनी मौजूदगी देकर इस क्षेत्र में स्थिति पर नजर रख रही है। इसके अलावा दाना मंडी चमियारी में प्रशासन द्वारा बनाए गए पशु आश्रय स्थल में सरकार के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को चारा वितरित किया गया है और स्थानीय लोगों द्वारा लंगर की भी व्यवस्था की गई है।