AC Price Hike: गर्मी शुरू होने से पहले ही एसी कंपनियों के सामने नई चिंता खड़ी हो गई है। मौसम का बदला मिजाज, बढ़ती लागत और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों ने कारोबार का हिसाब बिगाड़ने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में इसका असर बाजार और ग्राहकों दोनों पर दिख सकता है।
AC Price Hike: मार्च आते ही आमतौर पर बाजार में गर्मी वाले सामान की रौनक बढ़ने लगती है। एसी, कूलर, फ्रिज और दूसरे बड़े घरेलू उपकरणों की बिक्री का यही शुरुआती समय कंपनियों के लिए काफी अहम माना जाता है। लेकिन इस बार मौसम ने कारोबार का पूरा गणित थोड़ा गड़बड़ा दिया है।
बेमौसम बारिश ने फेरा पानी, एसी बाजार में छाई ठंडक
देश के कई हिस्सों में हाल ही में अचानक हुई बारिश ने मौसम को सुहाना तो बना दिया, पर एसी बनाने वाली कंपनियों के माथे पर बल ला दिए हैं। कंपनियों को डर है कि मार्च की ये बेमौसम बारिश उनकी शुरुआती बिक्री पर ब्रेक लगा सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि अप्रैल में जैसे ही सूरज अपना असली रूप दिखाएगा, डिमांड फिर से रफ्तार पकड़ेगी।
पश्चिम एशिया जंग के कारण 10 से 12% बढ़ सकते हैं दाम
सिर्फ मौसम ही विलेन नहीं है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से कच्चे माल, खासकर प्लास्टिक की कीमतें आसमान छू रही हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक वॉशिंग मशीन बनाने की कुल लागत का लगभग 20% हिस्सा सिर्फ प्लास्टिक का होता है। कंपनियों का कहना है कि अगर हालात यही रहे, तो वॉशिंग मशीन और फ्रिज की कीमतों में 10 से 12 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
गैस की किल्लत से प्रोडक्शन पर ब्रेक
एक और बड़ी मुसीबत एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई को लेकर खड़ी हो गई है। सरकार ने घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता देने के लिए उद्योगों को मिलने वाली एलपीजी सप्लाई को उनकी औसत खपत के 80 प्रतिशत से घटाकर 65 प्रतिशत कर दिया है। इसका असर एसी निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ रहा है।
हायर इंडिया के अध्यक्ष एन. एस. सतीश के मुताबिक, अगर यही स्थिति बनी रहती है, तो गर्मी के व्यस्त सीजन से पहले उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ सकती है। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्मियों का मौसम एसी कंपनियों के लिए साल का सबसे बड़ा बिजनेस समय होता है।
गोदरेज ने भी दिए कीमत बढ़ाने के संकेत
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के उपकरण कारोबार के प्रमुख कमल नंदी ने कहा कि अगले हफ्ते के बाद दिल्ली और उत्तर भारत में तापमान बढ़ने के संकेत हैं। उनके मुताबिक, अभी बिक्री पर असर को लेकर अंतिम बात कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि कंपनियां इस साल पहले ही जनवरी से लागू नए ऊर्जा लेबलिंग नियमों के कारण कीमतें बढ़ा चुकी हैं। अब कच्चे माल और ढुलाई लागत में बढ़ोतरी की वजह से अप्रैल में फिर से कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं। गोदरेज ने 1 अप्रैल से एसी की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का संकेत दिया है। इससे साफ है कि कंपनियां सिर्फ मांग को नहीं, बल्कि लागत के दबाव को भी गंभीरता से देख रही हैं।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ सकता है
अगर कंपनियां कीमतें बढ़ाती हैं, तो इसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि महंगे मॉडल की बजाय ग्राहक सस्ते या कम क्षमता वाले उत्पादों की तरफ रुख कर सकते हैं।
वॉशिंग मशीन की कुल लागत में करीब 20 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक का होता है। ऐसे में प्लास्टिक की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ एसी पर नहीं, बल्कि दूसरे घरेलू उपकरणों पर भी दिख सकता है। यानी यह सिर्फ मौसम की खबर नहीं, बल्कि पूरे कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के लिए अहम संकेत है।
