मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की तैयारी में जुट गया है. इस संबंध में तुर्किए, सऊदी अरब और मिस्त्र के विदेश मंत्री पाक के दौरे पर हैं.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान ने कहा है कि अमेरिका और ईरान दोनों ने उसकी मध्यस्थता की भूमिका पर भरोसा जताया है. पाकिस्तान के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में ईरान युद्ध को खत्म करने से जुड़े मुद्दे पर बातचीत शुरू हो सकती है. हालांकि, यह साफ नहीं है कि बातचीत सीधे होगी या किसी के जरिए कराई जाएगी.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने पाकिस्तान पर भरोसा दिखाया है, जो एक सही संकेत है. हालांकि अभी तक अमेरिका और ईरान की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
ईरान में जारी युद्ध के बीच तुर्किए, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे हैं, जहां उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और उसके असर पर बात की. ये युद्ध अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है. इशाक डार ने कहा कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे सिर्फ नुकसान ही होगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुश्किल समय में मुस्लिम देशों की एकता बहुत जरूरी है. पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से इस मामले में चुपचाप कोशिश कर रहा था और अब उसने इसे सार्वजनिक किया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री ने दिया संकेत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि लेबनान में सैन्य कार्रवाई और बढ़ाई जा सकती है, जिससे जंग के बढ़ने की आशंका है. मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का सबसे बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है, जो दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई के लिए बेहद जरूरी रास्ता है. इस इलाके में रुकावट के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों में गैस की कमी भी देखी जा रही है. देखा जाए तो मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी काफी खतरनाक बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान की कोशिश है कि बातचीत के जरिए इस संघर्ष को कम किया जाए और शांति की दिशा में आगे बढ़ा जाए.
