5G Expansion & 6G Vision: भारत में 5G की पहुंच अब हर गांव तक; इंटरनेट की रफ्तार ने बदली डिजिटल इंडिया की तस्वीर, जानें 6G की तैयारी
नई दिल्ली: भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता टेलीकॉम मार्केट बन चुका है। साल 2026 तक देश के लगभग 95 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों में हाई-स्पीड 5G नेटवर्क पहुंच चुका है। जिओ, एयरटेल और वीआई ने अपने नेटवर्क को और अधिक मजबूत किया है, जिससे न केवल शहरों में बल्कि दूर-दराज के गांवों में भी निर्बाध इंटरनेट सेवाएं मिल रही हैं। अब चर्चा केवल 5G की नहीं, बल्कि भारत के ‘6G विजन’ की हो रही है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता 5G की वजह से ग्रामीण भारत में शिक्षा (EdTech) और स्वास्थ्य (Tele-medicine) सेवाओं में क्रांति आई है। अब गांव का बच्चा भी दिल्ली या बेंगलुरु के टीचर से लाइव क्लास ले सकता है। इसके साथ ही, सैटेलाइट इंटरनेट (Starlink और OneWeb) के आने से उन पहाड़ी और जंगली इलाकों में भी इंटरनेट पहुंच गया है जहां फाइबर केबल बिछाना नामुमकिन था।
कॉल ड्रॉप और टैरिफ हाइक की चुनौती सुविधाओं के साथ-साथ ग्राहकों के लिए मुश्किलें भी बढ़ी हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम की लागत निकालने के लिए अपने टैरिफ प्लान्स में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही, कई इलाकों में अभी भी ‘कॉल ड्रॉप’ एक बड़ी समस्या बनी हुई है। ट्राई (TRAI) ने सर्विस क्वालिटी को लेकर नए कड़े नियम लागू किए हैं, ताकि ग्राहकों को उनके द्वारा दी गई कीमत का सही लाभ मिले।
निष्कर्ष भारत का लक्ष्य 2030 तक 6G लॉन्च करने का है, और इसकी तैयारी 2026 से ही शुरू हो गई है। आने वाला समय आईओटी (Internet of Things) और स्मार्ट होम्स का है, जहां आपकी हर डिवाइस इंटरनेट से जुड़ी होगी। टेलीकॉम सेक्टर इस डिजिटल इमारत की नींव है।
