
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने नौ महीने के लंबे अंतरिक्ष मिशन के बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापसी की है। दोनों ने स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापसी की।
सुनीता और बुच का यह मिशन मूल रूप से आठ दिनों का था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यह नौ महीने तक बढ़ गया। बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खामियों के चलते उनकी वापसी में देरी हुई, जिससे उन्हें आईएसएस पर अधिक समय बिताना पड़ा।
वापसी के दौरान, कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित लैंडिंग की। यह मिशन कई चुनौतियों से भरा था, लेकिन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने कर्तव्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
सुनीता विलियम्स की इस सफल वापसी पर दुनियाभर में खुशी की लहर है। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर से अंतरिक्ष अन्वेषण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।
अंतरिक्ष में बिताए गए समय के दौरान, सुनीता और बुच ने कई महत्वपूर्ण प्रयोग और अनुसंधान कार्य किए, जो भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उनकी इस सफल वापसी पर भारत और अमेरिका समेत पूरी दुनिया में जश्न का माहौल है, और उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
सुनीता विलियम्स की इस उपलब्धि ने एक बार फिर से साबित किया है कि समर्पण और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।